दिल्ली कि रैली में मोदी जी ने नवाज़ शरीफ और मनमोहन की मुलाक़ात पर एक बयान दे दिया। जिस पर बाद में एक बवाल मच गया। बयान था की पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने हमारे प्रधानमंत्री को एक देहाती महिला कहा। और वहां हिंदुस्तान के जो भी पत्रकार थे उन्हें इसका विरोध करना चाहिए था जो उन्होंने नहीं किया। मोदी जी ने भरी सभा में ऐसा कहने पर नवाज़ शरीफ को अपनी जुबान संभाल कर बात करने की हिदायत भी दे डाली। इसके बाद देश का हर नागरिक ये बात जानना चाहता था की वो पत्रकार आखिर थी कोन? पता चला की वो तो बरखा दत्त थीं। इस देश की जानी मानी पत्रकार और तथाकथित बुद्धिजीवी वर्ग की सबसे बड़ी मसीहा। अब देश गुस्से में था और बरखा दत्त पर भी दबाव था अपने सफाई देने का। तो बरखा ने ट्विट करके जो कहा उससे इस देश का पड़ा लिखा वर्ग सकते में है। बरखा मोदी जी की बात को काटेंगी ये तो देश का बच्चा बच्चा जानता है। क्यूंकि मोदी जी की रात दिन बुराई कर कर के ही बरखा जैसे पत्रकार इतने बड़े हुए हैं।
बरखा ने अपने ट्विट में कहा की शरीफ ने मुझे एक कहानी सुनायी थे जिसमे था गाँव में 2 लोग लड़ रहे हैं और जिसमे से एक देहाती महिला है जो सरपंच से उस व्यक्ति की शिकायत करने जाती है। अब कान को कहीं से भी घुमा के पकड़ लो। बात वोही है की नवाज़ को कहना ये था लो मनमोहन ने मेरी शिकायत अमेरिका के राष्ट्रपति से की है। अब मोदी जी की कही बात और बरखा की कहे बात में से एक ही बात सामने आती है। अब इसी में से 100 करोड़ का एक सवाल है जो आज कल हर किसी के मन में है की एक फालतू की कहानी सुनाने की बजाय बरखा ये भी बोल सकती थी की ऐसी कोई बात हुई ही नहीं। हाँ ये और बात है की पाकिस्तान का एक पत्रकार इस बात को पहले कह चूका था। तो भी क्या अगर बरखा मना कर भी देती तो हम पाकिस्तान की बात से ज्यादा बरखा पर यकींन करते। पर यहाँ बात कुछ और थी।
और वो बात है विश्वसनीयता की। आज जो विश्वसनीयता मोदी जी की है और जैसे पूरा देश उनकी बात पर यकींन कर रहा है वो अपने आप में एक मिसाल बन चूकी है। बरखा को ये पता था की मोदी जी की बात को काटना आज के हालात में खतरे की घंटी साबित हो सकती है। इससे उधेड़ बुन में बरखा ने ऐसा बयान दिया जो घुमाकर ही सही पर आकर उन पर ही आ पड़ा। और फिर शुरू से मोदी समर्थकों के निशाने पर रही बरखा की सोशल मीडिया पर जो छिछालेदर हुए है वो आज से पहले कभी देखने को नहीं मिली।
और फिर बरखा जैसे लोगों की छवि भी ऐसी है की जब पूरा देश पाकिस्तान के खिलाफ गुस्से में होता है तो इन जैसे पत्रकार दोस्ती की बातें कर रहे होते हैं। पर इससे बरखा को एक बात का अंदाज़ा हो गया होगा की अब समय बदल गया है। अब सिर्फ विरोध को ही विरोध करना है उसका ज़माना चला गया है। शायद उम्मीद भी करनी चाहिए की उनकी ऐसी हालत के बाद बाकि पत्रकार भी अब थोडा संभल कर कदम रखेंगे। आपका अपना
गौरव जोशी
बरखा ने अपने ट्विट में कहा की शरीफ ने मुझे एक कहानी सुनायी थे जिसमे था गाँव में 2 लोग लड़ रहे हैं और जिसमे से एक देहाती महिला है जो सरपंच से उस व्यक्ति की शिकायत करने जाती है। अब कान को कहीं से भी घुमा के पकड़ लो। बात वोही है की नवाज़ को कहना ये था लो मनमोहन ने मेरी शिकायत अमेरिका के राष्ट्रपति से की है। अब मोदी जी की कही बात और बरखा की कहे बात में से एक ही बात सामने आती है। अब इसी में से 100 करोड़ का एक सवाल है जो आज कल हर किसी के मन में है की एक फालतू की कहानी सुनाने की बजाय बरखा ये भी बोल सकती थी की ऐसी कोई बात हुई ही नहीं। हाँ ये और बात है की पाकिस्तान का एक पत्रकार इस बात को पहले कह चूका था। तो भी क्या अगर बरखा मना कर भी देती तो हम पाकिस्तान की बात से ज्यादा बरखा पर यकींन करते। पर यहाँ बात कुछ और थी।
और वो बात है विश्वसनीयता की। आज जो विश्वसनीयता मोदी जी की है और जैसे पूरा देश उनकी बात पर यकींन कर रहा है वो अपने आप में एक मिसाल बन चूकी है। बरखा को ये पता था की मोदी जी की बात को काटना आज के हालात में खतरे की घंटी साबित हो सकती है। इससे उधेड़ बुन में बरखा ने ऐसा बयान दिया जो घुमाकर ही सही पर आकर उन पर ही आ पड़ा। और फिर शुरू से मोदी समर्थकों के निशाने पर रही बरखा की सोशल मीडिया पर जो छिछालेदर हुए है वो आज से पहले कभी देखने को नहीं मिली।
और फिर बरखा जैसे लोगों की छवि भी ऐसी है की जब पूरा देश पाकिस्तान के खिलाफ गुस्से में होता है तो इन जैसे पत्रकार दोस्ती की बातें कर रहे होते हैं। पर इससे बरखा को एक बात का अंदाज़ा हो गया होगा की अब समय बदल गया है। अब सिर्फ विरोध को ही विरोध करना है उसका ज़माना चला गया है। शायद उम्मीद भी करनी चाहिए की उनकी ऐसी हालत के बाद बाकि पत्रकार भी अब थोडा संभल कर कदम रखेंगे। आपका अपना
गौरव जोशी

Joshi ji ye Barkha Dutt sab ka jawana khatam ho gaya. Mein to NDTV hi nhi dekhta... mujhe Aaj Tak pasand hai. Agar aap RTI se ye pata kar sakte hai to pata kijiye. Pukka NDTV me congress ka share hoga. Ye Pranay Roy pro congress hai
जवाब देंहटाएंDhanyavad Pankaj bhai, yeah apka pehla comment hai mere blog par. its Gift for me :)
जवाब देंहटाएंब्लॉग पर लेख ही नहीं आते तो कमेन्ट कैसे होगा और ऊपर से आपने कमेन्ट पर शब्द सत्यापन लागू किया हुआ है ! शब्द सत्यापन को हटा दीजिए !
हटाएंबरखा दत्त जैसे पत्रकारों की हकीकत से हर कोई वाकिफ है !
जवाब देंहटाएंMODY JI KI VISHWASNIYTA KAYAM HA........ MANMOHAN KI KHATAM HO GAYI.... SONIYA BHAKT OR DESH BHAKT MEIN YAHY TO FARK HA......... JAI HIND
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